छात्रों की कुर्बानियाँ कब तक? नीट रद्द करो

नीट-यूजी 2026 की प्रश्नपत्र लीक घटना के बाद परीक्षा रद्द किए जाने से कई नीट अभ्यर्थियों की हुई दुखद मौतें हमारी परीक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों और उसकी मानवीय कीमत की दर्दनाक याद दिलाती हैं। इन युवा विद्यार्थियों के कंधों पर केवल उनके अपने सपने ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों की उम्मीदें, त्याग और वर्षों की मेहनत भी टिकी हुई थी। बार-बार सामने आने वाली अनियमितताओं, अनिश्चितता, मानसिक तनाव और आत्मविश्वास में आई गिरावट ने अनेक छात्रों को निराशा की गहरी खाई में धकेल दिया है।

एसडीपीआई लंबे समय से नीट का विरोध करती रही है क्योंकि यह एक अन्यायपूर्ण और बहिष्करणकारी व्यवस्था है, जो गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्गों के छात्रों को नुकसान पहुंचाती है तथा कोचिंग उद्योग को बढ़ावा देती है। हालिया संकट ने एक बार फिर इसकी विफलता को उजागर कर दिया है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ और नीट को समाप्त कर उसके स्थान पर ऐसी निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी प्रवेश प्रणाली लागू करने की मांग दोहराती हूँ, जो छात्रों की प्रतिभा के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य की भी रक्षा करे।

सादिया सय्यदा
राष्ट्रीय सचिव
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया