प्रस्तावित समान नागरिक संहिता संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय: एसडीपीआई

बारां, 16 अगस्त 2026: सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एस.डी.पी.आई.) जिला बारां कमेटी की ओर से प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विरोध में सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में एस.डी.पी.आई. के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शफी, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष अशफाक हुसैन, प्रदेश कमेटी सदस्य इफ्तिखार बबलू, काजी रहमतुल्ला, वरिष्ठ अधिवक्ता खलील खान गौरी और अंजुमन इत्तेहाद ए बहामी के सदर आबिद हुसैन सहित अन्य वक्ताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने प्रस्तावित यूसीसी को अनावश्यक और जनविरोधी बताते हुए राजस्थान सरकार से इसे लागू करने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास का निर्देश देता है, लेकिन इसे मौलिक अधिकारों से अलग नहीं देखा जा सकता। अनुच्छेद 25 और 26 धार्मिक स्वतंत्रता तथा धार्मिक मामलों के प्रबंधन के अधिकार सुनिश्चित करते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि ऐसे संवेदनशील विषय पर कानून बनाने से पहले व्यापक सामाजिक और कानूनी विमर्श आवश्यक है तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान की मूल भावना का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। एस.डी.पी.आई. ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर प्रदेशभर में विधि सम्मत और संवैधानिक तरीके से जन जागरूकता अभियान चलाएगी तथा विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के साथ लोकतांत्रिक आंदोलनों में भाग लेगी। कार्यक्रम की शुरुआत जिला अध्यक्ष अब्दुल अजीज के स्वागत संबोधन से हुई। प्रदेश कोषाध्यक्ष जाकिर हुसैन ने संचालन किया और जिला महासचिव अलीम मंसूरी ने आभार व्यक्त किया। पठान वेलफेयर सोसाइटी के सदर, अंता के हाजी सलाम, जिला कोषाध्यक्ष अशफाक भाईजान सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।