ईडी में बढ़ते भ्रष्टाचार और उगाही पर एसडीपीआई की सख्त प्रतिक्रिया

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के राष्ट्रीय महासचिव इल्यास मुहम्मद थुम्बे ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भ्रष्टाचार और घूसखोरी की घटनाओं की तीव्र निंदा की है। ओडिशा में हाल ही में सामने आए मामले में ईडी के डिप्टी डायरेक्टर चिन्तन रघुवंशी को 29 मई 2025 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक स्थानीय व्यापारी से ₹20 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। रघुवंशी ने एक मनी लॉन्ड्रिंग केस निपटाने के लिए ₹5 करोड़ की मांग की थी, जिसे बाद में ₹2 करोड़ पर तय किया गया। यह घटना ईडी के भीतर गहराते भ्रष्टाचार और उसकी साख में आई भारी गिरावट को उजागर करती है।

यह कोई अकेला मामला नहीं है। ईडी के अधिकारियों—जैसे संदीप सिंह, पवन खत्री, अंकित तिवारी और अन्य—के खिलाफ रिश्वत और जबरदस्ती के कई मामले सामने आ चुके हैं। यह एक खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जिसमें ईडी जैसी जांच एजेंसी को कानून लागू करने के नाम पर राजनीतिक और निजी हितों के लिए लोगों को डराने और वसूली के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, जिन कंपनियों पर ईडी की जांच चल रही थी, उनके द्वारा सत्तारूढ़ पार्टी को भारी मात्रा में चुनावी बॉन्ड के जरिए चंदा देने की खबरों ने भी एजेंसी की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एसडीपीआई यह मांग करती है कि इन मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाए, जो किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से मुक्त हो। दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि जनता का विश्वास फिर से बहाल हो सके। केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बंद होना चाहिए और एसडीपीआई निष्पक्ष शासन और न्याय के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।