केंद्र सरकार सोनम वांगचुक के लोकतांत्रिक विरोध को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन आमरण अनशन के प्रति केंद्र सरकार की लगातार उदासीनता की कड़ी निंदा करती है। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता तथा लद्दाख के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे एक सम्मानित समाज सुधारक के जीवन को खतरे में पड़ने देना लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व की गंभीर विफलता है। लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध सरकार को मौन नहीं, बल्कि सार्थक संवाद के माध्यम से जवाब देना चाहिए।

जनता की वास्तविक चिंताओं की लगातार अनदेखी ने संस्थाओं पर लोगों का विश्वास कमजोर किया है और व्यापक जनचिंता को बढ़ाया है। एसडीपीआई केंद्र सरकार से आग्रह करती है कि वह तत्काल सोनम वांगचुक के साथ सार्थक संवाद शुरू करे, छात्रों और लद्दाख के लोगों की चिंताओं का ईमानदारी से समाधान करे तथा न्याय, जवाबदेही और सार्थक परामर्श सुनिश्चित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करे।

मोहम्मद शफी
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया