पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रेरित सांप्रदायिक हिंसा की एसडीपीआई ने निंदा की

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) पश्चिम बंगाल में हालिया चुनाव परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े तत्वों द्वारा सुनियोजित तरीके से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण भड़काने और हिंसा फैलाने के प्रयासों की कड़े शब्दों में निंदा करती है। विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार विजय उत्सव के नाम पर विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं, मुस्लिम नागरिकों, धार्मिक स्थलों तथा मुस्लिम स्वामित्व वाली संपत्तियों को निशाना बनाकर समन्वित हमले किए गए हैं।

तृणमूल कांग्रेस के पंचायत सदस्य सहदेव बाग की निर्मम हत्या, जिनका रक्तरंजित शव 10 मई को हुगली के एक खेत से बरामद हुआ, चुनाव के बाद टीएमसी समर्थकों की छठी हत्या के रूप में सामने आई है। इससे पूर्व बीरभूम के नानूर में अबीर शेख की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई, जबकि कोलकाता के बेलघाटा में बिस्वजीत पटनायक, एंटाली में तापस नस्कर तथा दक्षिण 24 परगना के कुलपी में मिथुन सामंता की हत्या की घटनाएँ भी दर्ज की गई हैं।

एक विस्तृत रिपोर्ट में 4 मई से 7 मई के बीच आठ जिलों में कम से कम 34 हिंसक घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें कूचबिहार, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा शामिल हैं। इन घटनाओं में मस्जिदों पर हमले भी शामिल हैं, विशेष रूप से कूचबिहार के गोसानीमारी में “जय श्री राम” जुलूस के दौरान, जहाँ एक मुस्लिम नागरिक की धार्मिक स्थल की रक्षा करते समय हत्या कर दी गई। रिपोर्ट में नंदिना और अबुतरा जैसे गाँवों में मुस्लिम घरों में तोड़फोड़, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हमले तथा मांस की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को लक्षित कर किए गए हमलों का भी उल्लेख है। यह घटनाक्रम स्पष्ट रूप से भय और तनाव का वातावरण पैदा करने की सुनियोजित कोशिश को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य सामाजिक विभाजन को गहरा करना और बंगाल की पारंपरिक सामाजिक सद्भावना को कमजोर करना है।

एसडीपीआई सभी घटनाओं की निष्पक्ष न्यायिक जांच तथा दोषियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करती है। पार्टी सभी पीड़ितों के साथ एकजुटता व्यक्त करती है तथा पश्चिम बंगाल की जनता से अपील करती है कि वे घृणा और विभाजन की राजनीति को सख्ती से अस्वीकार करें। बंगाल की एकता, भाईचारे और सामाजिक ताने-बाने की रक्षा करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

या मुहीद्दीन
राष्ट्रीय सचिव
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई)