
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) की राष्ट्रीय प्रतिनिधि परिषद की बैठक 20 और 21 जनवरी 2026 को मैंगलोर स्थित इंडियाना कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई। देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधियों ने इस दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद में भाग लिया, जो पार्टी के बढ़ते संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय स्वरूप को दर्शाता है।
परिषद की शुरुआत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शफी द्वारा पार्टी ध्वज फहराने के साथ हुई, जिसके बाद औपचारिक कार्यवाही का उद्घाटन किया गया। राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद अशरफ ने कार्यक्रम निदेशक की भूमिका निभाई, जबकि राष्ट्रीय महासचिव सीताराम खोइवाल ने परिषद में उपस्थित नेताओं एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शफी ने अध्यक्षीय संबोधन प्रस्तुत करते हुए देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, गहराते लोकतांत्रिक संकट तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में पार्टी की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद इलियास थुंबे, सीताराम खोइवाल, यासमीन फारूकी और पी. अब्दुल मजीद फैज़ी ने परिषद के समक्ष कार्यकाल प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। राजनीतिक प्रतिवेदन मोहम्मद इलियास थुंबे द्वारा प्रस्तुत किया गया। विस्तृत चर्चा के बाद दोनों प्रतिवेदनों को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
राष्ट्रीय प्रतिनिधि परिषद ने देश में जारी राजनीतिक घटनाक्रमों पर गहन विचार-विमर्श किया, जिनमें बढ़ता अधिनायकवाद, संघीय ढांचे का क्षरण, साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण, जांच एजेंसियों का दुरुपयोग तथा पार्टी की भावी राजनीतिक एवं संगठनात्मक दिशा शामिल रही।
इसके पश्चात परिषद ने नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ की। चुनाव प्रक्रिया का संचालन रिटर्निंग ऑफिसर मौलाना उबैदुल्लाह खान आज़मी (पूर्व सांसद एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष) तथा एडवोकेट के. पी. मोहम्मद शरीफ की देखरेख में संपन्न हुआ। लोकतांत्रिक विचार-विमर्श के उपरांत 45 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का चुनाव किया गया।
नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तत्काल बैठक हुई, जिसमें कारावास में बंद नेता एम. के. फैज़ी को पुनः सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। यह निर्णय राजनीतिक प्रतिशोध के विरुद्ध पार्टी के सामूहिक प्रतिरोध और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मोहम्मद शफी को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। मोहम्मद देहलान बकावी और सीताराम खोइवाल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए।
परिषद ने मोहम्मद अशरफ अंकाजल, रियाज़ फरांगीपेटे, पी. अब्दुल मजीद फैज़ी, यासमीन फारूकी और मोहम्मद इलियास थुंबे को राष्ट्रीय महासचिव चुना। वहीं अल्फोंस फ्रैंको, या मोहिद्दीन, सादिया सईदा, एडवोकेट सरदार डी. एस. बिंद्रा, अतिका साजिद और तैय्यदुल इस्लाम राष्ट्रीय सचिव चुने गए। अब्दुल सत्तार को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए अन्य सदस्यों में अब्दुल हन्नान, अब्दुल लतीफ सी. पी., अब्दुल मजीद मैसूर, अब्दुल मुईद हाशमी, अजमल इस्माइल, अशफाक हुसैन, मुवत्तुपुझा अशरफ मौलवी, हाफिज अताउल्लाह खान, एडवोकेट अज़हर तंबोली, हकीकुल इस्लाम, एडवोकेट एच. खालिदा, डॉ. महबूब शरीफ, नेल्लई मुबारक, मोहम्मद हंजाला शेख, निजामुद्दीन खान, रशीद उमरी एन. के., डी. रवि चंद्रन, रूना लैला, एस. के. बिस्वास, सदाशिव त्रिपाठी, साहीर अब्बास, डॉ. सरवर अली, शहनवाज अहमद कादरी, एडवोकेट शरफुद्दीन अहमद, एडवोकेट शिबा मिनाई, तुलसीधरन पल्लिकल, उवेश अब्दुल राशिद शेख, एडवोकेट विद्याराज मालविया और यासमीन इस्लाम शामिल हैं।
नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पार्टी की राष्ट्रीय सचिवालय का भी गठन किया। राष्ट्रीय सचिवालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. के. फैज़ी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शफी, शेख मोहम्मद देहलान बकावी और सीताराम खोइवाल, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद अशरफ, रियाज़ फरांगीपेटे, पी. अब्दुल मजीद फैज़ी, यासमीन फारूकी और मोहम्मद इलियास थुंबे के साथ या मोहिद्दीन, तैय्यदुल इस्लाम, सादिया सईदा, अल्फोंस फ्रैंको, अब्दुल सत्तार और रशीद उमरी एन. के. शामिल हैं।
राष्ट्रीय प्रतिनिधि परिषद ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के सत्रह वर्षीय इतिहास में पहली बार पार्टी के युवा विंग “यंग डेमोक्रेट्स” के शुभारंभ के साथ एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया। परिषद ने स्पष्ट किया कि यह युवा विंग देशभर के युवाओं को लोकतांत्रिक राजनीति, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठित करेगा। विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली 21 सदस्यीय आयोजन समिति का चुनाव किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की एडवोकेट रेनू सिंह को “यंग डेमोक्रेट्स” की राष्ट्रीय संयोजक घोषित किया गया।
राष्ट्रीय प्रतिनिधि परिषद ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर 18 प्रस्ताव पारित किए। इनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. के. फैज़ी की गिरफ्तारी और जांच एजेंसियों के राजनीतिक दुरुपयोग की निंदा, एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग, यूएपीए को समाप्त या मूलभूत संशोधन करने की मांग, लंबे समय से विचाराधीन कैदियों की रिहाई, अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और सशक्तिकरण, व्यापक जाति जनगणना, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, पूजा स्थल अधिनियम की रक्षा, संघीय ढांचे और भारत की बहुलतावादी अवधारणा की रक्षा, वैधानिक समान अवसर आयोग की स्थापना, आनुपातिक प्रतिनिधित्व सहित चुनावी सुधार, जनसंख्या के आधार पर स्थायी परिसीमन, अधिनायकवादी एवं बहुसंख्यकवादी शासन का विरोध, निवारक निरोध कानूनों के दुरुपयोग का विरोध, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता, जलवायु परिवर्तन पर विज्ञान आधारित त्वरित कार्रवाई तथा फिलिस्तीन के लिए न्यायपूर्ण दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन जैसे विषय शामिल हैं।
परिषद का समापन लोकतांत्रिक संघर्षों को मजबूत करने, संगठनात्मक विस्तार को बढ़ाने और संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय तथा धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की रक्षा हेतु राजनीतिक हस्तक्षेप को तेज करने के संकल्प के साथ हुआ।
मोहम्मद अशरफ
राष्ट्रीय महासचिव
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया
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