रोजगार के बिना शिक्षा “विकसित भारत” नहीं बना सकती

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय सचिव सादिया सय्यदा ने नीति आयोग की “रीइमैजिनिंग स्किलिंग फॉर विकसित भारत 2047” रिपोर्ट पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 8.7 करोड़ युवाओं का शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से बाहर होना इस बात का सबूत है कि देश में शिक्षा से रोजगार तक पहुंचने की व्यवस्था में गंभीर कमियां हैं। आर्थिक रुकावटें, उद्योगों से जुड़ा कमजोर प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप के सीमित अवसर और शिक्षा तथा उपलब्ध रोजगार के बीच तालमेल की कमी इस संकट को और गहरा कर रही है।

सादिया सय्यदा ने सस्ती और सुलभ स्किल डेवलपमेंट व्यवस्था, भुगतान वाली अप्रेंटिसशिप, शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से बाहर युवाओं को दोबारा पढ़ाई शुरू करने या सम्मानजनक आजीविका बनाने के लिए आर्थिक मदद, तथा घरेलू जिम्मेदारियों के कारण कार्यबल से दूर रहने वाली महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हर स्किल डेवलपमेंट योजना की कामयाबी का पैमाना वास्तविक रोजगार होना चाहिए, ताकि देश के युवाओं को सम्मान, अवसर और आर्थिक सुरक्षा मिल सके।