पश्चिम एशिया संघर्ष से एलपीजी संकट और रेस्तरां बंद होने पर एसडीपीआई ने सरकार की निष्क्रियता की निंदा की

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय महासचिव यासमीन फारूकी साहिबा ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न आर्थिक प्रभावों से हिंदुस्तान के आतिथ्य क्षेत्र को बचाने में मोदी सरकार की विफलता की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस संकट के कारण रेस्तरां, छोटे भोजनालय और होटल अभूतपूर्व संकट की ओर बढ़ रहे हैं।

देश भर में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता सहित प्रमुख शहरों में रेस्तरां, होटल और औद्योगिक क्षेत्रों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस स्थिति के चलते पूरा मेहनतकश वर्ग गंभीर कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करने के लिए मजबूर हो सकता है।

फारूकी साहिबा ने कहा कि सरकार की प्रतिक्रिया केवल तात्कालिक और अव्यवस्थित रही है। घरेलू एलपीजी वितरण को प्राथमिकता देने के बावजूद वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए कोई स्पष्ट वैकल्पिक योजना नहीं बनाई गई, जिससे हजारों छोटे और मध्यम स्तर के भोजनालय अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मूर्खतापूर्ण और अनैतिक विदेश नीतियां गंभीर चिंता का विषय हैं, जिनका खामियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ रहा है।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ने मांग की है कि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए, ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता लाई जाए और छोटे व्यवसायों तथा उन कामगारों की सुरक्षा के लिए आपात राहत उपाय किए जाएं जिनकी आजीविका इस समय संकट में है।