
मोदी सरकार की रणनीतिक चूकों से हिंदुस्तान की ऊर्जा आपूर्ति खतरे में
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय सचिव सादिया सैयदा ने देश में गहराते ईंधन संकट के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह संकट अब पूरे देश में घरों, छोटे कारोबारों और आतिथ्य क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इस्राइल यात्रा और बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के साथ व्यापक सैन्य समझौतों पर हस्ताक्षर करने से ईरान के साथ हिंदुस्तान के लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों में तनाव पैदा हुआ है। उनका कहना है कि इस बदलाव ने हिंदुस्तान की कूटनीतिक संतुलन नीति को कमजोर किया है और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के समय देश के ऊर्जा हितों की सुरक्षा को प्रभावित किया है।
सादिया सैयदा ने कहा कि ईरान में स्कूली बच्चों के नरसंहार और वरिष्ठ ईरानी नेताओं की लक्षित हत्याओं से जुड़ी खबरों पर सरकार की चुप्पी गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार यह रुख न्याय और गुटनिरपेक्षता के उन सिद्धांतों से विचलन को दर्शाता है जो कभी हिंदुस्तान की विदेश नीति का मार्गदर्शन करते थे। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश जैसे देशों ने पहले ही होरमुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन के लिए आश्वासन प्राप्त कर लिया है, जबकि हिंदुस्तान को अब तक कोई स्पष्ट और पुष्टि प्राप्त गारंटी नहीं मिली है। इससे बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के दौर में देश की महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्ग असुरक्षित बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इसके परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। कई क्षेत्रों में एलपीजी की कमी, घबराहट में खरीदारी, लंबी कतारें और रेस्तरां तथा छोटे भोजनालयों का बंद होना सामने आ रहा है। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ने सरकार से मांग की है कि वह तुरंत अपनी विदेश नीति की दिशा की पुनर्समीक्षा करे, हिंदुस्तान की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करे और यह सुनिश्चित करे कि भू राजनीतिक समीकरणों के कारण आम नागरिकों की आजीविका खतरे में न पड़े।
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