
फतेहपुर में साम्प्रदायिक साज़िश का मक़सद चुनावी धांधली के खुलासों से ध्यान भटकाना है
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शफी ने उत्तर प्रदेश के फतेहपुर ज़िले में अचानक और सुनियोजित तरीके से भड़काई गई साम्प्रदायिक तनाव की घटना पर गहरा सदमा और कड़ी नाराज़गी व्यक्त की है। हिंदुत्व उग्रवादियों ने अबू नगर स्थित एक ऐतिहासिक मकबरे को निशाना बनाकर उसे तोड़ा-फोड़ा और झूठा प्रचार किया कि यह एक प्राचीन मंदिर है। यह दुस्साहसिक कृत्य, जिसने समुदायों को हिंसा के कगार पर पहुँचा दिया, न केवल हिंदुस्तान के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने पर गंभीर हमला है बल्कि जानबूझकर विभाजन और नफ़रत फैलाने की साज़िश है।
एसडीपीआई का दृढ़ विश्वास है कि यह साम्प्रदायिक उकसावा चुनावी धांधली के चौंकाने वाले खुलासों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए रचा गया है। ऐसी परिस्थितियाँ पैदा कर सत्ताधारी पक्ष समाज में ध्रुवीकरण करना चाहता है और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा मतदाता सूची की शुद्धता की माँगों को दबाने की कोशिश कर रहा है। यह हमला केवल अल्पसंख्यकों पर नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों पर है।
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि फतेहपुर में हुई तोड़फोड़ के जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए, और अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हिंदुस्तान की जनता एक ऐसे चुनावी प्रक्रिया की हक़दार है जो हेरफेर, भय और नफ़रत फैलाने की राजनीति से मुक्त हो। एसडीपीआई ऐसे अन्यायों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी और साम्प्रदायिक सौहार्द व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।
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