
राजनीतिक तौर पर कायम किए गए एक मुकदमे में एक साल हिरासत में गुज़ारने के बाद मुझे ज़मानत मिल गई है और मैं अल्लाह तआला का और उन तमाम भाइयों और बहनों का तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ जो पूरे इस अरसे में यकजहती के साथ मेरे साथ खड़े रहे। मैं अपने सरशार पार्टी कार्यकर्ताओं, क़ौमी और रियासती रहनुमाओं, क़ानूनी टीम और मुल्क भर के ख़ैरख़्वाहों का भी सच्चे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ, जिनकी साबितकदम हिमायत और दुआओं ने हमारे इज्तिमाई अज़्म को मज़बूत किया। इस मरहले ने इंसाफ के उसूलों, आईनी हुक़ूक़ और जम्हूरी अक़दार से मेरी वाबस्तगी को और मुस्तहकम किया है, और मैं वक़ार, सब्र और अज़्म के साथ अपनी जद्दोजहद जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ।
ख़ुलूस-ए-तशक्कुर और तजदीद-ए-अज़्म के साथ।
एम के फैज़ी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
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