
उज्जैन ‘आध्यात्मिक सिटी’ किसान विरोधी ज़मीन हड़पने की योजना है: एसडीपीआई
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के राष्ट्रीय महासचिव पी अब्दुल मजीद फैज़ी ने भाजपा शासित मध्यप्रदेश सरकार की प्रस्तावित “आध्यात्मिक सिटी” परियोजना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे किसानों की आजीविका और आम जनता के अधिकारों पर हमला करार दिया। फैज़ी ने कहा कि यह योजना मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों को दर्शाती है, जिसमें कॉर्पोरेट लालच और चुनावी फायदे को सामाजिक न्याय से ऊपर रखा जाता है।
इस परियोजना के तहत 2,300 हेक्टेयर से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि को विवादित लैंड पूलिंग पॉलिसी के अंतर्गत अधिग्रहित किया जा रहा है। सदियों से कुंभ मेले के लिए भूमि केवल अस्थायी पट्टे पर ली जाती थी और उचित मुआवज़े के साथ किसानों को लौटा दी जाती थी। लेकिन नई योजना के तहत स्थायी अधिग्रहण कर आश्रम, होटल, मॉल और अन्य ढाँचे बनाए जाएंगे, जो साल भर उपयोग में नहीं रहेंगे। इससे लगभग 5,000 किसान विस्थापन के कगार पर पहुँच जाएंगे, ज़मीन बँट जाएगी और परिवार ग़रीबी में धकेले जाएँगे।
उज्जैन, इंदौर और भोपाल में विरोध प्रदर्शन तेज़ हो रहे हैं, जहाँ किसानों को पुलिस डराने-धमकाने, गिरफ़्तार करने और अपारदर्शी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। मार्च में हड़बड़ी में पारित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट में संशोधन ने इस आशंका को और मज़बूत किया है कि सरकार प्रमुख ज़मीन को निजी डेवलपर्स के हवाले व्यावसायिक शोषण के लिए कर रही है।
मोदी सरकार का दोहरा चरित्र साफ़ दिखाई देता है। यह उन्हीं नाकाम कृषि क़ानूनों जैसी योजनाओं का समर्थन कर रही है जिन्हें 2020–21 में किसानों ने पूरी तरह अस्वीकार कर दिया था। इस तरह के क़दम पहले से ही कर्ज़, जलवायु संकट और कम आमदनी से जूझ रहे कृषि संकट को और गहरा करेंगे। वक़्फ़ ज़मीन पर अतिक्रमण और अल्पसंख्यक स्थलों के ध्वस्तीकरण के आरोप यह दर्शाते हैं कि चुनावों से पहले एक हिंदुत्व-चालित एजेंडा चलाया जा रहा है।
एसडीपीआई ने तत्काल भूमि पूलिंग योजना रद्द करने, अस्थायी पट्टे की पुरानी परंपरा को बहाल करने और सभी हितधारकों से पारदर्शी संवाद की माँग की है। किसानों की चिंताओं को नज़रअंदाज़ करना सिंगूर जैसी प्रतिक्रिया को जन्म दे सकता है, जिससे ग्रामीण समुदायों में असंतोष फैलेगा और असमानता और गहरी होगी। वास्तविक विकास वही है जो किसानों की रक्षा करे और न्याय को सुनिश्चित करे।
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