इलियास मुहम्मद थुम्बे ने डोनाल्ड ट्रंप की हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था पर की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव इलियास मुहम्मद थुम्बे ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हिंदुस्तान को “मरी हुई अर्थव्यवस्था” कहने की हालिया अपमानजनक और निराधार टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। यह बयान न सिर्फ अहंकार और अज्ञानता को दर्शाता है, बल्कि उस औपनिवेशिक मानसिकता को भी उजागर करता है जो अब भी पश्चिमी नेतृत्व के कुछ हिस्सों को जकड़े हुए है।

श्री ट्रंप ने अपने बार-बार दिए गए मूर्खतापूर्ण और उकसावे भरे बयानों के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया है कि वे राजनयिक शिष्टाचार और आर्थिक यथार्थता से पूर्णतः कटे हुए हैं। उनके विचार उस गहरे साम्राज्यवादी रवैये से प्रेरित हैं, जो वैश्विक दक्षिण के देशों को अब भी अमेरिका का अधीन उपनिवेश मानता है।

यह केवल हिंदुस्तान का नहीं, बल्कि उन सभी विकासशील देशों का अपमान है, जो आर्थिक स्वायत्तता और वैश्विक सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ट्रंपवाद के तहत फैलाई गई टैक्स टेररिज़्म और संरक्षणवादी नीतियों ने न केवल वैश्विक व्यापार को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि उन्हीं पश्चिमी देशों को अलग-थलग कर दिया है जो कभी मुक्त बाज़ार वैश्वीकरण के समर्थक हुआ करते थे। विडंबना यह है कि अब वही पश्चिम अपने ही शोषणकारी रणनीतियों के दुष्परिणामों से जूझ रहा है।

एसडीपीआई ऐसे बयानों को हिंदुस्तान की गरिमा, प्रगति और संप्रभुता पर हमला मानती है। हम सभी हिंदुस्तानियों से—चाहे उनका राजनीतिक या वैचारिक रुख कुछ भी हो—आह्वान करते हैं कि वे एकजुट होकर हमारे देश को नीचा दिखाने या उसकी वैश्विक साख को कमजोर करने वाले किसी भी बाहरी प्रयास का डटकर विरोध करें।

यह उन सभी को चेतावनी है जो हिंदुस्तान की तरक्की को रोकना चाहते हैं: हिंदुस्तान कोई उपनिवेश नहीं है, और हिंदुस्तानी कभी भी साम्राज्यवादी अहंकार के आगे सिर नहीं झुकाएँगे।