SDPI

Social Democratic Party of India

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया

Freedom from Hunger, Freedom from Fear

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SDPI President A Sayeed urged Central Govt. to control politics of hatred during SRC Rajasthan

SDPI National President A Sayeed addressing a press conference at Kota

नफरत की सियासत पर लगाम लगाए केंद्र सरकार- ए. सईद

14 May 2017, Kota: सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया की प्रदेश ईकाई की ओर से आज दिनाँक 14 मई 2017 को सीएडी सर्किल स्थित होटल YKS में प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. सईद, विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद शफी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्य व वीमेन इंडिया मूवमेंट की राष्ट्रीय अध्यक्ष यास्मीन फारूकी, अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान खान ने की। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष सीताराम खोईवाल, मेहरुन्निसा खान, प्रदेश महासचिव जफर अहमद अमीन, मोहम्मद हनीफ, प्रदेश व जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारीगण मौजूद थे। जिसमें प्रदेश के तीन वर्षीय कार्यकाल की मिड टर्म की रिपोर्ट पेश की गई और प्रदेश के मौजूदा हालात और पार्टी को प्रदेश में हर बूथ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया। कार्यक्रम का आगाज पार्टी का झण्डारोहण कर किया गया।
इसी के तहत प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ए सईद ने कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से लगातार साम्प्रदायिकरण हो रहा है देश की धर्मनिरपेक्ष, मुस्लिम, दलितों, आदिवासी, पिछड़ा व वर्ण व्यवस्था के नाम पर उनके साथ जुल्म व अत्याचार किया जा रहा है। देश मे नफरत की राजनीति और देशवासियों को दिशाविहीन करने के लिए मौजूदा सरकार द्वारा संघ एवम सहयोगी दलित से समय समय पर अल्पसंख्यक, दलितों पर अत्याचार कर देश के विकास के मुद्दों को दबाया जा रहा है और जनता को भ्रमित किया जा रहा है राजनेताओं द्वारा साम्प्रदायिक बयानबाजी कर डेढ़ के नौजवानों को दिशा भ्रमित किया जा रहा है जिससे देश की तरक्की ओर अमन की फिजा बदल रही है देश ने अमन शांति के लिए साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की आमजन से सहयोग की अपील की।
राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद शफी ने कहा कि देश मे लगातार बलात्कार की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रदेश की महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद देश मे बलात्कार की घटनाओं में राजस्थान दूसरे नम्बर पहुंच चुका है। देश मे धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचकर पब्लिसिटी एक तुच्छ तरीका राजनैतिक पार्टियों अपना रही है जो कि असंवैधानिक है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्य व वीमेन इंडिया मूवमेंट की राष्ट्रीय अध्यक्ष यास्मीन फारूकी ने बताया की महिलाओं के अधिकार इस्लामिक शरिया से बेहतर कोई तरीका नही हो सकता है केंद्र सरकार द्वारा समुदाय विशेष के लिए तलाक का मसला यह कवक समुदाय विशेष को परेशान करने के लिए है। सरकार को चाहिए कि वह मुस्लिम महिलाओं को अनिवार्य शिक्षा और उन्हें आरक्षण का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि वह शैक्षणिक व आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।
प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान खान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों पर अत्याचार अब बर्दाश्त के बाहर है क्योंकि उनको समय पर ना तो बीज मिला पा रहा है ना ही उनको आसानी से ऋण मिला पा है। साथ ही शैक्षणिक नगरी कोटा में छात्रों के द्वारा मानसिक दबाव के कारण आत्महत्या कर रहा है जिनने रोकने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित होता दिख रहा है जिससे कोटा की छवि पूरे देश मे धूमिल हो रही है ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन और कोचिंग संचालकों में आपस मे समन्वय हो और उनके मोटिवेशन के लिए समय समय पर जागरूक किया जाए।
प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन के अन्त में प्रदेश उपाध्यक्ष सीताराम खोईवाल ने निम्न छ प्रस्ताव पढ़कर सुनाए जिसे प्रदेश प्रतिनिधि में मौजुद सभी ने सर्वसम्मति से पारित किया जो है-
1. कथित गौ रक्षक बनाम अघोषित भगवा आतंक
गौ सेवा और उनके सरंक्षण के नाम पर आज राजनीतिक मुद्दा बनाया जाना और राजनीतिक पदाधिकारीयो को सरे आम झुंड बनाकर लोगों की पीट पीट कर हत्या तक कर देना एक तरह का साम्प्रदायिक उन्माद पैदा करना जिससे वैमनस्य और एक तरफा उग्रवाद को बढावा दिए जाने के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री, विधायकों और उनके मुख्य संगठन के पदाधिकारियों को गौ रक्षक रूपी गुंडागर्दी करने की शह देकर उनकी पीठ थपथपाना, कानून का उल्लंघन करने और हिंसा को बढ़ावा देना लोकतांत्रिक मूल्यों को समाप्त करना है। वैसे तो राज्य में आये दिन इस प्रकार की कई मारपीट और चैथवसूली की घटनाएं हुई है परंतु अभी जिस तरह ’अलवर में गौ पालक पहलू खान’ को सड़क पर सरेआम पीट पीट कर मौत के मुँह में पहंुचा दिया। ऊना में दलितों पर अमानवीय व्यवहार, हाल कि सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गांव की घटना जिससे दलितों के घर जलाकर जुल्म करना शैतानियत का नंगा नाच बीजेपी शासन पर कलंक है।
हम इस घटना के लिये सभी जिम्मेदार दोषियों और उनको बचाने में जो भी लोग शामिल हैं उनपर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग करते हैं साथ ही पहलू खान के साथ जो भी परिजन घायल हें उनके अच्छे से अच्छे इलाज के लिये सरकार से निशुल्क कराए जाने की मांग करते हैं इसके अलावा मृतक के परिवार को जीवन निर्वाह करने के लिए सरकार से आर्थिक सहायता की भी मांग करते हैं
2. ’रेप की बढ़ती घटनाएं’
राज्य में पिछले कुछ समय से भाजपा के शासन में वैसे तो कई अपराधों का ग्राफ तेजी से बड़ा है परंतु इन सब मे अगर देखें तो कमजोर, वंचित व दलित वर्गों के परिवार की महिलाओं और नाबालिगों पर सब से ज्यादा यौन शोषण और बलात्कार की घटनाऐं ज्यादा बड़ी हें जिसमें कुछ केसों में तत्पर कार्यवाही हुई परन्तु अधिक मामलो में पीड़ितों को दमन पूर्वक या जांच में अनियमितता के चलते न्याय पाना दूर की बात दिखाई देती है जिससे महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का प्रश्न सामने आता है
हम इस विषय पर सरकार से मांग करते हैं कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुद्रढ कर के बलात्कारियों को कड़ी सजा दिलाई जाये एवम जांच और न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले सम्बंधित अधिकारी व कर्मचारियों को भी दण्डित किया जाए, चाहे वो पुलिस विभाग हो, मेडिकल रिपोर्ट देने वाले हों या न्याय के बीच मे अवरोध करने वाला कोई भी व्यक्ति हों।
3. ’ साम्प्रदायिक घटनाएं की बढोत्तरी’
वर्तमान में केंद्र औए भाजपा शासित राज्यों में साम्प्रदायिक तनाव और कट्टरपंथी विचार धाराओं ने देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है जिससे परस्पर विश्वास और सद्भाव के रिश्तों के साथ अमन को भारी क्षति पहुची है। राष्ट्रीय स्तर के कट्टर धार्मिक विचारको एवं साम्प्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देने वाले लोगोँ की टेलीविजन पर खुली डिबेट्स से देश प्रदेश के हर नागरिक की मानसिकता सौहार्द से बदलकर नफरत की ओर जा रही है। धार्मिक स्थलों के साथ छेडछाड की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है।
हम प्रदेश की भाजपा सरकार से यह अपेक्षा करते हैं आये दिन राज्य में हो रहे उपद्रवों तथा जमीनी विवादों को प्रशासन बिना किसी सामाजिक,धार्मिक एवं जातिगत भेदभाव से नियंत्रित कर निर्णय ले जिस से किसी भी प्रकार से समाज की शांति भंग न हो और उसकी समरसता और भाईचारे को बचाया जा सके ।
4. कोचिंग संस्थान के छात्रों में अवसाद से बढ़ती आत्महत्या पर नियंत्रण जरूरी’
राजस्थान में शिक्षा के विकास और सुविधाओं को लेकर कई जिलों में विभिन्न कोचिंग संस्थानों ने अपने कई सेंटर अच्छे मानक स्तर पर संचालित किए हुये हें जिससे अन्य प्रदेश से आने वाले विद्यार्थियों के कारण काफी बड़े पैमाने पर मुद्रा का विनिवेश राजस्थान में हो रहा और यह प्रदेश के व्यापारियों और आमलोगों की जीविका के लिये एक सुलभ साधन बन रहा है देशभर में यह हमारे प्रदेश के विकास एवम समृद्धि के लिए भी अच्छा सन्देश है, परंतु विशेषकर कोटा शहर में जहां बड़े और नामी कोचिंग संस्थान हें इनके छात्र-छात्राओं में मानसिक व उपेक्षित दबाव से गहरे अवसाद के चलते ज्यादा संख्या में आत्महत्याएं हो रहीं हैं स्थानीय सामाजिक संस्थाओं द्वारा इन घटनाओं को रोकने हेतु कुछ प्रयास संस्थानो के साथ मिलकर किये भी परन्तु आशातीत सफलता नहीं प्राप्त हुई और यह घटनाएं अभी भी वैसे की वैसे ही घट रही हैं।
अतः हम राज्य सरकार से यह भी अपेक्षा करते हैं कि सरकार इस विषय पर गहनता के साथ और गम्भीरता से कोई ठोस नीति बनाये संस्थानों में ऐसे विद्यार्थियों को फोकस कर उनकी समस्याओं और उनके गिरते मनोबल को रोका जा सके जिसके फलस्वरूप इन घटनाओं में कमी आकर इन पर नियंत्रण हो प्रदेश में महिला मुख्यमंत्री होते हुए एक महिला से छेडछाड पर छात्र अनिल की हत्या होना प्रशासन की उदासीनता तो है ही पर अमानवीय घटना का होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अतः एसडीपीआई इस तरह की घटनाओ को रोकने की मांग करती है जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हों।
5. ’विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के विवादास्पद आचरण एवं भड़काऊ बयान पर नियंत्रण’
वर्तमान सरकार में कुछ विधायक और प्रतिनिधि किसी विशेष विचारधारा एवम रणनीति के आधार पर कार्यरत हें तो कोई अपनी निजी अक्षमता और गिरते जन अभाव के कारण भड़काऊ भाषण देकर न सिर्फ अपनी ही सरकार के कार्यकलापों अनर्गल बातें पैदा कर रहें है बल्कि कार्यकर्ताओं को भी भ्रमित कर आम जनता की तकलीफों को बढ़ाकर उनकी भावनाओं को आघात पहुचा रहे हैं । हम इस प्रस्ताव को अपनी सभा मे पारित करते हुए सरकार से इस प्रकार पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं एवम जनप्रतिनिधियों पर अनुशासनहीनता और वैमनस्य फैलाए जाने को लेकर गम्भीरता पूर्वक कानूनी  दंडात्मक कार्यवाही करे।
6. मजदूरों एवं किसानों पर बढते हुए अत्याचारों की घटना
अतः एसडीपीआई मांग करती है कि देश एवं प्रदेश में अमन शांति का वातावरण बने, सामाजिक सदभाव, सामाजिक सहयोगा का वातावरण बने, जातिगत एवं धार्मिक दुर्भावनाओं से प्रेरित कोई अत्याचार आम जनता पर ना हों वरना हम देश में व्याप्त साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए भी सडकों पर उतर संघर्ष करेंगें तथा हर हाल में देश को विकास की राह पर लाने व शांति बहाली के लिए कृत संकल्पित है।
कार्यक्रम के अन्त में प्रदेश कोषाध्यक्ष मो. युनूस अगवान ने आए हुए सभी मेहमानोें का धन्यवाद ज्ञापित किया।भवदीय
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